इंसान के दिमाग में लगेगी चिप ,नए शरीर में किया जा सकेगा ट्रांसफर

ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस टेक्नोलॉजी का इंसानों पर ट्रायल करने के लिए एक कदम और आगे बढ़ गए हैं. इसके लिए Elon Musk के न्यूरोटेक स्टार्टअप Neuralink ने Clinical Trial Director के लिए जॉब पोस्ट किया है.
Neuralink ब्रेन-चिप रिसर्च को अगले स्टेज पर ले जाने के लिए तैयार है. Neuralink इससे पहले सूअर और बंदर पर ट्रायल कर चुका है. इसमें एक 9-साल के बंदर में पर ट्रायल कर चुका है. इसमें एक 9-साल के बंदर में भी चिप लगाई गई थी जिससे वो केवल माइंड से वीडियो गेम खेल पा रहा था.


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ये स्टार्टअप टेक्नोलॉजी का यूज करके ह्यूमन-AI सिम्बायोसिस बनाने की कोशिश कर रही है. Elon Musk ने पिछले महीने कहा था कि ह्यूमन पर इसका अर्ली ट्रायल 022 में शुरू होगा. इसमें पैरालिसिस वाले लोगों को शामिल किए जाने की संभावना है. इससे कंप्यूटर कर्सर का डायरेक्ट न्यूरल कंट्रोल गेन करने की कोशिश की जाएगी.


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इसके साथ-साथ Neuralink के पहले क्लिनिकल ट्रायल पार्टिशिपेंट के तौर पर काम करने का भी मौका मिलेगा. इसको लेकर पहले Bloomberg ने रिपोर्ट किया था.

ब्रेन और स्पाइन के प्रॉब्लम को आसानी से बस एक डिवाइस लगा कर सॉल्व किया जा सकता है. SpaceX और Tesla के चीफ मस्क के अनुसार Neuralink के ब्रेन चिप का पोटेंशियल लिमिटलेस है. इससे पैरालिसिस, हियरिंग, ब्लाइंडनेस को सॉल्व किया जा सकता है.

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