शारदीय नवरात्री आज गुरुवार से प्रारम्भ हो रहे है। नवरात्रि के पहले दिन यानी प्रतिपदा तिथि में कलश स्थापना या घट स्थापना का महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास प्रतिपदा तिथि का आरंभ 06 अक्टूबर को शाम 04 बजकर 35 मिनट पर हो रहा है और प्रतिपदा तिथि 07 अक्टूबर को दोपहर 01 बजकर 47 मिनट तक रहेगी।

शास्त्रों में व्रत एवं त्योहार उदया तिथि में मनाने का विशेष महत्व होता है। ऐसे में 07 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि में सूर्योदय के साथ ही शारदीय नवरात्रि प्रारंभ होंगे। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है।

शास्त्रों के अमुसार, सूर्योदय के समय से 04 घंटे तक आप शांति कलश स्थापना कर सकते हैं। दिल्ली वासी 07 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 17 मिनट से 10 बजकर 17 मिनट तक कलश स्थापना कर सकते हैं। इसके अलावा कलश स्थापना का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।

कलश स्थापना के लाभ-

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश में सभी तीर्थ, देवी-देवताओं का वास होता है। ये मां दुर्गा की पूजा-अर्चना में आने वाली बाधाओं को दूर करने में सहायक होते हैं। घट स्थापना करने से भक्त को पूजा का शुभ मिलता है और घर में सकारात्मक माहौल रहता है। घर में सुख-शांति आती है।

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