कोरोना संक्रमणकाल में घर में रहते हुए ऐसे मनाएं विश्व पर्यावरण दिवस।

रायपुर, 4 जून 2020

हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस बार 47वां विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है.  इस बार विश्व पर्यावरण दिवस की थीम जैव विविधता रखी गई है. ताकी लोगों को पर्यावरण की अहमियत, इंसानों व पर्यावरण के बीच के गहरे ताल्‍लुकात को समझाते हुए प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा सके. इस दिन को मनाने का मुख्य कारण है व्यक्ति को पर्यावरण के प्रति सचेत करने का। हम इंसानों और पर्यावरण के बीच बहुत गहरा संबंध है। प्रकृति के बिना हमारा जीवन संभव नहीं है। हमें प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना ही होगा। विश्व में लगातार वातावरण दूषित होते जा रहा है, जिसका गहरा प्रभाव हमारे जीवन में पड़ रहा है।

दुनिया में कोरोना वायरस महामारी के कारण देशों ने लॉक़ाउन लगा रखा है जिसके कारण सड़कों पर यातायात बंद ह. वैश्विक आंकड़े बता रहे हैं कि पिछले 60 वर्षों में किए गए तमाम प्रयासों और जलवायु परिवर्तन के असंख्य वैश्विक समझौतों के बावजूद पर्यावरणीय स्थिति में वो सुधार नहीं हो पाया था जो पिछले 60 दिनों में वैश्विक लॉकडाउन के चलते हुआ है. इस साल लॉकडाउन के चलते आपको पर्यावरण दिवस घर पर ही मनाना पड़ेगा. आप घर पर रहकर भी पर्यावरण दिवस मना सकते हैं. और पर्यावरण की रक्षा भी कर सकते हैं.

घर पर रहकर ऐसे मनाएं विश्व पर्यावरण

– इस पर्यावरण दिवस पर आप अपने घर में पौधे या आसपास फिर पेड़ लगाएं. इससे आपके घर को पेड़ की छाया, ताज़ा हवा भी मिलेगी और पर्यावरण की भी मदद होगी.
– अपने घर के सामान को रीसाइकल करने की ठानें. अपने परिवार के सभी लोगों को इसका हिस्सा बनाएं और सोचे कि घर के बचे हुए ज़्यादा से ज़्यादा सामान को कैसे रीसाइकल किया जा सकता है.
– पॉलीथीन का उपयोग ना करें.सब्जी व सामान के लिए कपड़े की थैलियां रखें.
-अगर आपको इधर उधर थूकने की आदत है तो सुधारें.
–नई पीढ़ी को प्रकृति, पर्यावरण, पानी व पेड़-पौधों का महत्व समझाएं.
–बिजली के बिल में कटौती करने वाले उपाय सोचो.
-पुराने बल्ब पर जमी धूल पोंछने पर कमरे में दो के बजाय एक ही बल्ब से काम चल जाएगा.
-गर्म पानी से नहाने की आदत बदलोगे तो भी चल सकता है.
-किसी भी पुरानी चीज को फेंकने के बजाय उसका दूसरा इस्तेमाल जरूर सोचें.
-फ्रिज के पानी के बजाय मटके का ठंडा पानी ज्यादा बेहतर है.

कब हुई शुरुआत

सन 1972 से विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 5 जून 1972 को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की नींव रखी। तब से लगातार हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है।

विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में हुई। यहां 1972 में पहली बार पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया गया था जिसमें 119 देशों ने भाग लिया था।

विश्व में लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण इस दिन को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य है लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना। 

विश्व में जब पहली बार पर्यावरण दिवस मनाया गया था तब भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भारत की प्रकृति और पर्यावरण के प्रति अपनी चिंताओं को जाहिर किया था। 

भारत में पर्यावरण संरक्षण के लिए 19 नवंबर 1986 में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम लागू हुआ।

इस वर्ष लॅाकडाउन की वजह से काफी मात्रा में प्रदूषण कम हो गया है। पिछले वर्षों तक जहां हम पर्यावण को लेकर अधिक चिंता में थे इस साल हमारी चिंताएं थोड़ा कम है क्योंकि वातावरण शुद्ध हो गया है।

लॅाकडाउन का पर्यावरण पर साकारत्मक प्रभाव पड़ा है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम अब अपनी प्रकृति का ख्याल रखें। 

विश्व पर्यावरण दिवस को तब ही सफल बनाया जा सकता है जब हम पर्यावरण का ख्याल रखेंगे। हर व्यक्ति को ये समझना होगा कि जब पर्यावरण स्वच्छ रहेगा तब ही इस धरती पर जीवन संभव है।

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