राष्ट्रीय सेवा योजना के 50वें स्थापना दिवस पर श्री रावतपुरा सरकार ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में आयोजित हुए कई कार्यक्रम।

रायपुर, 24 सितंबर

राष्ट्रीय सेवा योजना ( NSS) का आज 50वां स्थापना दिवस है। 24 सितंबर 1969 को ऐच्छिक सामुदायिक सेवा के माध्यम से युवा छात्रों के व्यक्तित्व और चारित्रिक विकास के प्राथमिक उद्देश्य के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की शुरुआत की थी। एनएसएस के 50वें स्थापना दिवस पर देशभर के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं। 37 विश्वविद्यालयों से शुरु हुए NSS की आज 39,695 इकाइयां अलग-अलग स्कूल-कॉलेज विश्वविद्यालयों में कार्य कर रही हैं।

एनएसएस का उद्देश्य ‘सेवा के माध्यम से शिक्षा’ है। एनएसएस की वैचारिक उन्मुखता महात्मा गांधी के आदर्शों से प्रेरित है। एनएसएस का आदर्श वाक्य “नॉट मी, बट यू” है। एक एनएसएस स्वयंसेवी ‘स्वयं’ से पहले ‘समुदाय’ को स्थान देता है। यह शिक्षा के तीसरे आयाम का हिस्सा है, अर्थात् मूल्यवर्धक शिक्षा है जो कि तेजी से महत्वपूर्ण बनती जा रही है।

स्वयं के व्यक्तित्व को विकसित करने के अलावा एनएसएस स्वयंसेवियों ने समाज के प्रति महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पिछले वर्ष के दौरान, एनएसएस इकाइयों ने देश भर में गांवों/ झोपड़ियां में 12,628 विशेष शिविरों का आयोजन किया था। एनएसएस स्वयंसेवियों ने श्रमदान के रूप में 91 लाख घंटे स्वयं सेवा की और, 1.98 लाख यूनिट रक्त दान किया तथा 13.27 पौधों का रोपण किया। स्वयंसेवियों ने स्वास्थ्य, आंख और टीकाकरण से संबंधित 7,051 शिविर आयोजित किए। विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों तथा सामाजिक मुद्दों पर रैलियों के माध्यम से 30,011 जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। एनएसएस स्वयंसेवियों ने लगभग 6 लाख बच्चों को पल्स पोलियो टीकाकरण की सुविधा प्रदान की। स्वयंसेवी स्वच्छ भारत मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा ये डिजिटल साक्षरता का प्रसार और योग के लोकप्रिय बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पिछले साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, देश भर में लगभग 11.19 लाख एनएसएस स्वयंसेवियों ने योग कार्यक्रमों में भाग लिया था।

nss के 50वें स्थापना दिवस पर श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट कुम्हारी, श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी धनेली और श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में सफाई, पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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