मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग, कुम्हारी में वर्ल्ड ब्रेस्ट फीडिंग वीक का आयोजन

कुम्हारी, 10 अगस्त

स्तनपान कराना हर महिला का अधिकार है, और इसे गलत नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए। ब्रेस्ट फीडिंग कराना बच्चे के लिए लाभदायक होता है, लेकिन भारत में सार्वजनिक जगहों पर ब्रेस्ट फीडिंग कराने में माताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस वजह से आधुनिक माताएं बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग न कराकर बोतलबंद दूध पिलाने लगती है। ऐसा करना बच्चे और माता दोनों के ही स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालता है। ब्रेस्ट फीडिंग का महत्व बताने वाले ये विचार वर्ल्ड ब्रेस्ट फीडिंग वीक के आयोजन के दौरान मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग में वक्ताओं ने पेश किये।

शनिवार को वर्ल्ड ब्रेस्ट फीडिंग वीक के तहत एमटीसीएन कॉलेज में एम्पावर पेरेंट्स इनेबल ब्रेस्ट फीडिंग विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

जिसमें श्रीमती मेघा बड़चिया ने थीम, WBW के उद्देश्य और ब्रेस्ट फीडिंग के लाभों के बारे में बताया। इस अवसर पर नर्सिंग स्टूडेंट्स के लिए निबंध लेखन, रंगोली, पोस्टर प्रस्तुति और प्रश्नोत्तरी जैसी विभिन्न गतिविधियां कराई गईँ।

नर्सिंग स्टूडेंट्स ने ब्रेस्ट फीडिंग के महत्व पर एक स्किट प्रस्तुत किया। MTCN की प्रिंसिपल श्रीमती के. दीपा ने कहा कि दुनिया में ब्रेस्ट फीडिंग

कराने में सक्षम माताओं को अपने बच्चों को ब्रेस्ट फीडिंग अवश्य करानी चाहिए। इस काम में माता, पिता, परिवार, कार्य स्थल पर महिलाओं के स्तनपान कराने का समर्थन किया जाना चाहिए। अभी तमाम जगहों पर मॉल, बाजार में महिलाओं के लिए ब्रेस्ट फीडिंग कराने की सुविधा नहीं होती है। जबकि बच्चे को स्तनपान कराना आवश्यक होता है। ऐसी स्थिति में जब महिला ब्रेस्ट फीडिंग कराती है तो लोग उसे घूरकर देखते हैं।

के. दीपा ने कहा कि स्तनपान कराना एक मां का अधिकार है और इसमें किसी को कुछ और नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रेस्ट फीडिंग को संरक्षित करने और इसे बढ़ावा देने के लिए इसका समर्थन करना आवश्यक है।

इस अवसर पर कुम्हारी कैंपस के डायरेक्टर एम.के. श्रीवास्तव,  फार्मेसी की प्रिंसिपल डॉ. चंचलदीप कौर, एसआरआई स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. प्रीति गुरनानी कर्मचारी और छात्र उपस्थित रहे।

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